
अमृतसर भारत देश के उत्तरी भाग में स्थित पंजाब नामक राज्य का एक सुन्दर शहर है। इस शहर को आम बोलचाल में ‘अम्बरसर’ भी कहा जाता है। अमृतसर सिख धर्म का एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र है।
बैसाखी पर्व अमृतसर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस शहर ने कपड़े, व्यंजन आदि बनाने के साथ – साथ अमृतसर की संस्कृति को सहेजकर रखा हुआ है। अमृतसर अपनी भूमि पर घटित जलियावाला बाग हत्याकांड और वाघा बॉर्डर के कारण ज़्यादा famous है, जो अमृतसर में घूमने की 10 जगह में भी शामिल है।
अमृतसर शहर स्वर्ण मन्दिर में हुए operation blue star से लेकर जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसे नरसंहार की त्रासदी के साथ – साथ भारतीय आज़ादी का भी गवाह है। अमृतसर के इतिहास और खूबसूरती से जुड़े facts tourists को विशेष रूप से अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
अमृतसर शहर श्री गुरु नानक देव जी के अनुयायियों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। अमृतसर देश – दुनिया में बसे सिख समुदाय के लोगों के लिए एक पवित्र स्थान है। इस शहर की ख़ूबसूरती को निहारने के लिए हररोज़ हज़ारों की संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं।
अमृतसर घूमने का सही समय
एक सुखद वातावरण यात्रा को और भी आनन्ददायक बना देता है। इसीलिए अगर आप अमृतसर में घूमने की 10 जगह जाने का plan कर रहे हैं तो आपको ऐसे समय choose करना बहुत important है, जब अमृतसर का वातावरण यात्रा की दृष्टि से करने के लिए आदर्श हो।
हम आपको बता देना चाहते हैं कि अमृतसर घूमने के लिए सबसे बढ़िया समय नवम्बर से मार्च तक का होता है क्योंकि इस दौरान न ही गर्मी की तपन होती है और न सर्दी का जाड़ा और तो और बारिश का झंझट भी इस समय नहीं होता है।
अमृतसर में घूमने की 10 जगह कुछ इस प्रकार हैं -
1. स्वर्ण मन्दिर

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में सबसे पहले आता है – स्वर्ण मन्दिर। स्वर्ण मन्दिर को ‘हरमन्दिर साहिब’ के नाम से भी जाना जाता है, साल 1581 में इसकी नींव में रखी गई थी और साल 1604 में यह बनकर तैयार हो गया था।
महाराजा रणजीत सिंह जी ने इस मन्दिर के ऊपरी हिस्से को सोने से बनवाया था। यह मन्दिर चारों तरफ से 5.1 मीटर गहरी झील से घिरा हुआ है। यहाँ का लंगर भारत का सबसे बड़ा लंगर माना जाता है, जिसमें हररोज़ 40,000 से भी अधिक लोगों के लिए लंगर बनाया जाता है।
2. वाघा बॉर्डर

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में से एक वाघा बॉर्डर अमृतसर से लगभग 28 KM और लाहौर से इसकी दूरी लगभग 22 KM की है। भारत तथा पाकिस्तान की चिन्हित सीमा को ‘वाघा बॉर्डर’ नाम दिया गया है।
वाघा बॉर्डर पंजाब के अमृतसर में स्थित एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। शाम के समय वाघा बॉर्डर पर पर्यटकों का हुज़ूम लगा रहता है। यहाँ शाम के समय भारत तथा पाकिस्तान के जवानों द्वारा competitive parade की जाती है तथा यहाँ आने वाले पर्यटक अपने – अपने देश के इन जवानों का उत्साह बढ़ाते हैं।
3. दुर्गयाना मन्दिर

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में शामिल दुर्गयाना मन्दिर अमृतसर शहर के रेलवे स्टेशन की नज़दीक स्थित है। यह मन्दिर ‘देवी दुर्गा’ जी को समर्पित है। इस मन्दिर को ‘शीतला माता मन्दिर’ और ‘रजत मन्दिर’ के नाम से भी जाना जाता है।
प्राचीन धर्मग्रंथों के मुताबिक यह मन्दिर ठीक उसी स्थान पर बना हुआ है, जहाँ भगवान श्री राम जी के पुत्र लव – कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। यहाँ पर लव – कुश ने भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न से युद्ध किया था।
दुर्गयाना मन्दिर की शिल्पकला और सुन्दरता देखते ही बनती है तथा इसी वजह से दुर्गयाना मन्दिर भारत के दूसरे स्वर्ण मन्दिर के रूप में famous है।
4. जलियाँवाला बाग

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में से एक है – जलियाँवाला बाग। जलियाँवाला बाग भारत के इतिहास के उस काले दिन का गवाह है, जब एक क्रूर अँग्रेज़ी अफ़सर ने निहत्थे, निर्दोष भारतीयों का नरसंहार किया था।
जलियाँवाला बाग स्वर्ण मन्दिर के पास ही स्थित है। इस बाग की दीवारों पर आज भी उन गोलियों के निशान अंकित है, हो दायर द्वारा मासूमों पर दागी गई थीं और यहाँ पर एक कुआँ भी संरक्षित है, जिसमें गोलियों से बचने के लिए लोगों ने छलाँग लगा दी थी।
इसके अलावा जलियाँवाला बाग शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक स्मारक भी बनवा रखी है।
5. गोविंद गढ़ किला

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में शामिल गोविंद गढ़ किला लगभग 250 साल पुराना है। गोविंद गढ़ किला पंजाब के सबसे प्रतिष्ठित प्रतीकों में शामिल है। पंजाब का यह विरासत स्थल उस समय से है, जब भारतीय उपमहाद्वीप छोटी – छोटी रियासतों में बँटा हुआ था।
उस समय यहाँ राजाओं का शासन हुआ करता था। एक समय पर अमृतसर को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए लगभग 12,000 सैनिकों ने इस किले की रक्षा की थी।
आज के समय में गोबिंदगढ़ किले के परिसर में 4 संग्रहालय हैं, जिनमें एक सिख कला संग्रहालय, दुर्लभ हथियारों को प्रदर्शित करने वाला एक युद्ध संग्रहालय, क्षेत्रीय टोपी की व्याख्या करने वाला एक पगड़ी संग्रहालय आदि मौजूद हैं।
6. पार्टीशन म्यूजियम

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में से एक है – पार्टीशन म्यूजियम। अमृतसर में स्थित यह म्यूजियम एक ऐतिहासिक म्यूजियम है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच हुए बँटवारे को बख़ूबी बयाँ करता है।
इस पार्टीशन म्यूजियम में विभाजन के समय के लेख और कुछ तस्वीरें रखी हुई हैं, यहाँ आने वाले पर्यटक इन्हें देखकर उस समय और उस समय की परिस्थितियों से भली – भाँति वाकिफ़ हो सकेंगे।
पार्टीशन म्यूजियम अमृतसर के ‘Heritage Shed’ का भी एक अहम अंग है। यह म्यूजियम अमृतसर के Town Hall इलाके में मौजूद है।
7. माता लाल देवी मन्दिर

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में शामिल माता लाल देवी मन्दिर एक मुख्य हिन्दू तीर्थ स्थल है। माता लाल देवी का यह मन्दिर 20वीं शताब्दी की एक महिला संत ‘लाल देवी’ जो को समर्पित है।
माता लाल देवी मन्दिर जम्मू में स्थित वैष्णो देवी मन्दिर के लघु रूप के रूप में भी प्रख्यात है। इस मन्दिर का निर्माण भी वैष्णो देवी मन्दिर की तरह ही किया गया है।
माता लाल देवी मन्दिर महिलाओं के लिए ख़ासतौर पर महत्व रखता है। ऐसी मान्यता है कि यदि कोई महिला यहाँ आकर बच्चे के रूप में माता से आशीर्वाद माँगती है तो माता जी के आशीर्वाद से उन्हें जल्द ही बच्चे की प्राप्ति भी हो जाती है।
8. साड्डा पिंड

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में से एक साड्डा पिंड में आप पंजाबियों का रहन – सहन, पंजाबी गाँव तथा उनके वातावरण को महसूस कर सकते हैं।
साड्डा पिंड को एक तरह के गाँव के रूप में बसाया गया है, जहाँ पर पंजाब की खाने-पीने की चीज़ें, उनकी परंपरा व संस्कृति, उनके मकान तथा रहन – सहन आदि को प्रदर्शित किया गया है।
साड्डा पिंड में हरेक उम्र के लोगों के लिए कुछ ना कुछ मौजूद है, घोड़े की सवारी, ऊँट की सवारी, खरीदारी के लिए बाज़ार आदि।
9. हॉल बाज़ार

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में शामिल हॉल बाज़ार अमृतसर में आए पर्यटकों के लिए खरीदारी करने और घूमने के लिए एक प्रसिद्ध बाज़ार है।
जिन लोगों को shopping करने का शौक है, उनके लिए तो इस बाज़ार में एक से बढ़कर इतनी चीज़ें हैं कि वह confuse हो जाते हैं कि कौन – सी चीज़ ख़रीदें और कौन – सी चीज़ रहने दें।
हॉल बाज़ार में खूबसूरत Jewellery, Electronic Items, ready – made कपड़े, सर्वोत्तम किताबें और Handicrafts की भरमार है। शाम के समय यहाँ स्थित किले के औपनिवेशिक बंगले पर प्रदर्शित light and sound show भी दिखाया जाता है।
10. श्री तरनतारन साहिब गुरुद्वारा

अमृतसर में घूमने की 10 जगह में से एक श्री तरनतारन साहिब गुरुद्वारा सिखों के 5वें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी द्वारा बनवाया गया था। अमृतसर से यह स्थान लगभग 22 KM की दूरी पर तरनतारन साहिब नामक गाँव में स्थित है।
श्री तरनतारन साहिब गुरुद्वारे का नामकरण ‘तरनतारन’ नाम के एक ‘सरोवर’ के नाम पर रखा गया है। इस गुरुद्वारे के चारों ओर एक सरोवर का निर्माण भी किया गया है। देखने में यह गुरुद्वारा ऐसा प्रतीत होता है जैसे इस गुरुद्वारे को स्वर्ण मन्दिर की theme पर बनाया गया हो।
अमृतसर कैसे पहुँचे?
अमृतसर पंजाब राज्य का एक मुख्य शहर और पर्यटन की दृष्टि से यह भारत का एक महत्वपूर्ण स्थान है, जिसकी वजह से देश भर से हररोज़ घूमने के लिए हजारों की तादाद में लोग अमृतसर आते हैं। अमृतसर में घूमने की 10 जगह पर पहुँचने के लिए 3 मार्गों को अपनाया जा सकता है। यह 3 मार्ग कुछ इस प्रकार हैं –
रेलगाड़ी से : अमृतसर में एक सुन्दर रेलवे स्टेशन हैं, जो इस शहर को देश के अन्य मुख्य नगरों जैसे :- दिल्ली, चण्डीगढ़, मुम्बई, हैदराबाद, कोलकाता, आगरा, अहमदाबाद और से बहुत अच्छी तरह से जोड़ता है।
हवाई जहाज़ से : अमृतसर शहर से लगभग 11 KM की दूरी पर मौजूद ‘Sri Guru Ram Dass Ji International Airport’ है, जो देश के अन्य मुख्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं।
बस से : अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग 1 पर मौजूद है और यह सड़क के रास्ते बहुत अच्छे से जुड़ा हुआ है। देश के अन्य प्रमुख शहरों से अमृतसर दैनिक रूप से चलने वाली बसों के द्वारा बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
अमृतसर के प्रमुख व्यंजन
अमृतसर में लाजवाब और स्वादिष्ट भोजन की भी कमी नहीं है। यहाँ के व्यंजनों में हरियाणवी और पंजाबी संस्कृति देखने को मिलती है। यह शहर अमृतसर में घूमने की 10 जगह यात्रा करने आए पर्यटकों की माँसाहारी और शाकाहारी दोनों ही तरह के स्वादिष्ट भोजन की demand को पूरा करता है।
अमृतसर में मुख्य रूप से मिलने वाले प्रसिद्ध व्यंजन कुछ इस प्रकार हैं –
- गुरुद्वारे का लंगर – लस्सी
- पालक पनीर – लच्छा पराठा
- तंदूरी चिकन – मटन टिक्का
- शमी कबाब – खारोल का शोरबा
- कीमा कुल्चा
अमृतसर में घूमने का खर्चा
अमृतसर में घूमने की 10 जगह जाने में होने वाला खर्चा बहुत – सी चीज़ों पर निर्भर करता है। जैसे :- आप अमृतसर में कितने दिन रुकते हैं, अगर आप 2 दिनों के लिए अमृतसर जा रहे हैं और किसी low budget वाले hotel में रह रहे हैं तो 2 दिन का कम से कम 1500 से लेकर 2000 तक का hotel का charge देना होगा।
फिर आता है खाने पीने का खर्चा हम आपको बता देना चाहते हैं कि आप अमृतसर में 150 से लेकर 200 रूपये में स्वादिष्ट भोजन की थाली ले सकते हैं। इसके सिवा अगर आप वहाँ अन्य भोजन का स्वाद चखते हैं तो आपका कम से कम 500 से 800 रूपये तक का खर्चा आ जाएगा।
फिर इसके बाद बारी आती है, घूमने फिरने की। अमृतसर को घूमने के लिए ऑटो या टैक्सी बुक करने के लिए आपको 500 से 600 रूपये तक का खर्चा आराम से आ जाएगा तथा प्राइवेट टैक्सी के लिए आपको 1500 से 2000 रूपये तक का भुगतान करना पड़ेगा।
इस हिसाब से 2 दिन के लिए अमृतसर घूमने का overall खर्चा 3500 से 4000 रूपये तक का आएगा।
निष्कर्ष
अमृतसर में घूमने की 10 जगह घूमने आए लोग कभी भी अपनी इस रोमांचक यात्रा को भूल नहीं पाते हैं। यह एक ऐसा शहर है, जो इतिहास की त्रासदी और महिमा, वर्तमान की भक्ति और आस्था एवं भविष्य की क्षमता और आशा को प्रदर्शित करता है।
यह शहर अपनी वास्तुकला, स्वादिष्ट व्यंजनों, लोकगीतों और लोकनृत्य के साथ यहाँ आने वाले सभी पर्यटकों को मोह लेता है। यहाँ धर्म भी है, इतिहास भी है, शहादत भी है, देशभक्ति भी है।
अमृतसर आने वाला हर सैलानी यहाँ के रंगों में रंग जाता है। अगर आप भी अमृतसर के रंगों में रंगना चाहते हैं तो अमृतसर जाने के सही समय से लेकर, जाने के उचित साधन, यहाँ के प्रसिद्ध व्यंजन और सब से महत्वपूर्ण यहाँ जाने में आने वाले खर्चे की जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी।
FAQ

Hourly Work, Instant Income: A Smarter Path to Employment with Workerlly
Introduction India is witnessing a historic transformation in how people work, earn, and build sustainable

Building a Self-Reliant Workforce: The Impact of Workerlly on India’s Gig Economy
Introduction: The Shift Toward Self-Reliance India’s workforce is one of its greatest strengths. With over

No Middlemen. No Exploitation. Just Work – The Workerlly Promise
Introduction: Breaking Free from the Chains of Exploitation For decades, India’s workforce — especially its

A New Employment Era: Technology, Trust & Workerlly
I’ll write this from a CEO’s perspective, keeping it visionary, professional, and engaging, with storytelling